निराश होने की ज़रूरत नहीं

सिर्फ परीक्षा में अधिक अंक लाने और टॉप करने से, कुछ नहीं होता। यदि आप अपनी शिक्षा से अंधश्रद्धा, आडम्बर और भक्ति से ऊपर उठ कर तर्क और मनुष्यों को बराबर समझने वाला विवेक विकसित न कर पाए। आप कम अंक से पास होकर भी बेहतरीन सोच सकते हैं, और काम कर सकते हैं। इसलिए निराश होने की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरत है कोर्स से अलग अच्छी किताबें भी पढ़ने का और बेहतरीन इंसानों से संपर्क बनाने का।